कहीं आपके गर्दन का दर्द सर्वाइकल तो नहीं ? कारण और उपचार। - BABAJIFANCLUB

Hot

Tuesday, 13 February 2018

कहीं आपके गर्दन का दर्द सर्वाइकल तो नहीं ? कारण और उपचार।



आजकल के भाग दौड़ भरे जीवन में बीमार शरीर एक आम समस्या बन गई है।  इन्हीं समस्याओं में से एक समस्या है गर्दन के पीछे वाले हिस्से में होने वाला दर्द। इस समस्या को कभी भी अनदेखा नहीं करना चाहिए।  धीरे-धीरे यह समस्या आगे चलकर सर्वाइकल का रूप ले लेती है। सर्वाइकल एक बहुत ही पीड़ादायी समस्या है। सर्वाइकल की वजह से गर्दन एवं पीठ में असहनीय दर्द, चक्कर खाकर गिर जाना , हाथ पैर का सुन्न पड़ जाना इत्यादि समस्याएँ होती हैं। आमतौर पर देखा गया है की 50 वर्ष से ज्यादा आयु के व्यक्तियों की रीढ़ की हड्डी सूखी पड़ने लग जाती है जिससे उनका लचीलापन खत्म हो जाता है और यही सर्वाइकल का कारण बनता है। अगर समय पर इस बीमारी का इलाज नहीं किया जाता है तो यह बहुत बड़ी समस्या का कारण बनता है। 

सर्वाइकल के कारण:

  • कुछ लोगों में सर्वाइकल एक अनुवांशिक बीमारी होती है जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में ट्रांसफर होती है। 
  • ऊँचा या मोटा तकिया रखकर सोने से। 
  • नियमित धूम्रपान एवं मदिरापान करने से। 
  • सिर पर भारी वजन उठाने से। 
  • घंटों-घंटों तक कम्प्यूटर के सामने लगातार काम करने से। 
  • बहुत देर तक एक ही पोजीशन में बैठने से। 
  • नियमित व्यायाम न करने से। 
  • खान-पान सही न होने की वजह से। 


सर्वाइकल से छुटकारा पाने के कुछ आसान उपाय-

  • डॉक्टर की सलाह पर दर्द निवारक दवाइयां लेने से। 
  • फिजिओथेरपिस्ट की सहायता से नियमित व्यायाम करने से। 
  • एक्यूपंक्चर की सहायता से। 
  • नियमित योगाभ्यास से। 
  • पानी का ठंडा पैकेट दर्द वाले स्थान पर रखने से। 
  • हल्के गर्म जैतून के तेल से हल्के हाथों से मसाज करने से। 
  • विटामिन और कैल्शियम युक्त आहार लेने से। 
  • नियमित रूप से दूध के सेवन से। 
  • सही तकिये के प्रयोग से। 
  • गर्दन को सीधा रखने वाले पट्टे की मदद से। 


सर्वाइकल से छुटकारा पाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण योगासन -

  • भुजंगासन 
  • धनुरासन 
  • अर्धमत्स्येन्द्र आसन 
  • सूर्यनमस्कार 


No comments:

Post a comment